मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच क़तर और भारत के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक बातचीत सामने आई है। क़तर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख़ मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी और भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के बीच फोन पर चर्चा हुई।
क़तर के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, यह बातचीत भारत के विदेश मंत्री की पहल पर हुई। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे सैन्य तनाव और उसके क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों की समीक्षा की।
बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि मौजूदा विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना बेहद जरूरी है। साथ ही, समुद्री जहाज़ों की स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित करने के महत्व पर भी जोर दिया गया, जो वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम है।
क़तर की ओर से यह भी कहा गया कि ईरान द्वारा क्षेत्र के देशों पर किए जा रहे कथित हमलों को रोकना आवश्यक है। विशेष रूप से पानी, भोजन और ऊर्जा से जुड़े महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने को लेकर चिंता जताई गई।
इस बातचीत में दोनों नेताओं ने एक बार फिर से शांति वार्ता की मेज़ पर लौटने की जरूरत पर बल दिया और क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए संवाद को सबसे प्रभावी माध्यम बताया।