Latest News Lifestyle
युद्ध के बाद परमाणु वार्ता में ईरान की पकड़ मजबूत हुई

 2015 के परमाणु समझौते से जुड़े पूर्व अमेरिकी राजनयिकों का कहना है कि हालिया संघर्ष ने ईरान की बातचीत की स्थिति को काफी मजबूत कर दिया है। उनका मानना है कि इससे ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही वार्ताओं में नई रणनीतिक बढ़त मिली है।


विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका और इज़राइल से जुड़े सैन्य तनाव के साथ-साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की ईरान की क्षमता ने उसे एक महत्वपूर्ण दबाव का साधन दे दिया है। यह वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग है, जिसे बाधित करने की क्षमता ईरान को कूटनीतिक तौर पर मजबूत बनाती है।

पूर्व राजनयिकों का कहना है कि इस रणनीतिक स्थिति के चलते ईरान अब केवल अपने परमाणु कार्यक्रम पर निर्भर नहीं है, बल्कि उसके पास अन्य विकल्प भी हैं जिनसे वह दबाव बना सकता है।

स्थिति तब और जटिल हो गई जब 2018 में अमेरिका ने समझौते से खुद को अलग कर लिया और उसके बाद ईरान पर प्रतिबंधों और सैन्य दबाव में बढ़ोतरी हुई। इसके बाद से दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी और गहरी हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में बातचीत पहले से ज्यादा कठिन हो गई है, क्योंकि अब ईरान मजबूत स्थिति में है और बेहतर शर्तों की मांग कर सकता है।

इस बीच अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत की तैयारी कर रहा है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर स्पष्ट रणनीति की कमी भी सामने आ रही है।

विश्लेषकों का कहना है कि इस संघर्ष ने बातचीत में नई चुनौतियां जोड़ दी हैं, जिससे किसी व्यापक समझौते तक पहुंचना और मुश्किल हो गया है। अब दोनों पक्ष केवल परमाणु मुद्दे तक सीमित नहीं हैं, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा और सैन्य मामलों को भी बातचीत में शामिल कर रहे हैं।
News Image

ईरान युद्ध पर ट्रंप और पोप लियो में बढ़ा टकराव

  • डोनाल्ड ट्रंप ने पोप लियो XIV की ईरान युद्ध पर टिप्पणी की आलोचना की, जिससे राजनीतिक और धार्मिक नेतृत्व के बीच तनाव बढ़ गया।
BY Saba Parveen ·