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कनाडाई मां-बेटी की हिरासत कहानी, ICE सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

कनाडा की एक मां तानिया वार्नर ने अमेरिका की इमिग्रेशन हिरासत में बिताए अपने अनुभव को साझा करते हुए वहां की कठोर परिस्थितियों का खुलासा किया है। उन्हें और उनकी सात साल की बेटी को लगभग तीन हफ्तों तक टेक्सास के डिटेंशन सेंटर में रखा गया, जिसे उन्होंने असुरक्षित और अपमानजनक बताया।


वार्नर के अनुसार, वहां बंद कई लोग ऐसे थे जिन्होंने कोई अपराध नहीं किया था, फिर भी वे बेहद मुश्किल हालात में रह रहे थे। उन्होंने कहा कि सख्त इमिग्रेशन नीतियों के कारण परिवारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्हें पहले टेक्सास के मैकएलेन स्थित एक प्रोसेसिंग सेंटर में रखा गया और बाद में डिली डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया। इस केंद्र को पहले भी खराब स्वास्थ्य सेवाओं, खाने की कमी और बीमारियों के मामलों को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ा है।

एक हालिया रिपोर्ट में भी यह सामने आया कि कई परिवारों को लंबे समय तक हिरासत में रखा जाता है और उन पर शरण के दावे छोड़ने का दबाव डाला जाता है। वार्नर ने कहा कि उन्हें भी बार-बार खुद ही देश छोड़ने के लिए कहा गया, जबकि उनके दस्तावेज वैध हैं।

वार्नर और उनकी बेटी, जिसे हाल ही में ऑटिज्म का पता चला है, को टेक्सास में एक सामान्य जांच के दौरान हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्हें 9,500 डॉलर के बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया।

रिहाई के बाद भी उनकी परेशानियां खत्म नहीं हुई हैं। परिवार को लगातार निगरानी, यात्रा पर पाबंदियों और निर्वासन के खतरे का सामना करना पड़ रहा है। वार्नर ने दोबारा हिरासत में लिए जाने की आशंका जताई है, खासकर जब उन्हें अधिकारियों के साथ नियमित जांच के लिए पेश होना होगा।
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BY Saba Parveen ·