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आसनसोल से मिला था टिकट, फिर चुनाव में हार; अब BJP ने पवन सिंह को बनाया MLC उम्मीदवार

 

 

पटना: बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर भाजपा ने अपने उम्मीदवारों के नाम लगभग फाइनल कर दिए हैं। पार्टी ने चार सीटों के लिए जिन नामों पर मुहर लगाई है, उनमें भोजपुरी फिल्म अभिनेता और पावर स्टार पवन सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रमुख संजय मयूख, वरिष्ठ नेता अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित शामिल हैं। इन नामों के सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।भोजपुरी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता पवन सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने की खबर सबसे ज्यादा चर्चा में है।लोकसभा चुनाव के दौरान सुर्खियों में रहे पवन सिंह की राजनीति में सक्रिय भूमिका को देखते हुए भाजपा ने उन पर बड़ा दांव खेला है। उनके नाम से पार्टी को पूर्वी बिहार और भोजपुरी भाषी क्षेत्रों में राजनीतिक लाभ मिलने की उम्मीद है।भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रमुख और वर्तमान विधान पार्षद संजय मयूख को भी पार्टी ने दोबारा मौका दिया है। संगठन और मीडिया में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया है। राजनीतिक गलियारों में उनके नाम की पहले से ही चर्चा थी। अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित के नामों को शामिल कर भाजपा ने संगठनात्मक और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इन चेहरों के जरिए विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व मिलेगा।उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद अब सभी की नजर नामांकन और चुनावी प्रक्रि आसनसोल से मिला था लोकसभा टिकट

लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा ने पवन सिंह को Asansol से उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, टिकट मिलने के कुछ ही दिनों बाद उन्होंने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने बिहार की Karakat सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया।

काराकाट में मिली हार

काराकाट लोकसभा सीट पर पवन सिंह के चुनाव लड़ने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया था। उन्होंने बड़ी संख्या में वोट हासिल किए, लेकिन जीत नहीं सके और चुनाव हार गए। उनके मैदान में उतरने से NDA उम्मीदवार Upendra Kushwaha को भी नुकसान हुआ था।

पार्टी से निष्कासन और फिर वापसी

काराकाट से NDA उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ने को भाजपा ने अनुशासनहीनता माना और मई 2024 में पवन सिंह को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। बाद में उन्होंने भाजपा में वापसी की और बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान NDA के लिए सक्रिय प्रचार किया।

धैर्य का मिला इनाम

राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि पार्टी में वापसी के बाद संगठन के लिए किए गए प्रचार और सक्रियता का इनाम उन्हें MLC उम्मीदवार बनाकर दिया गया है। अब लगभग तय माना जा रहा है कि पवन सिंह बिहार विधान परिषद पहुंचेंगे और उनकी राजनीतिक भूमिका पहले से अधिक मजबूत होगी।

भाजपा ने बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए जिन चार उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, उनमें:

  • Pawan Singh

  • Sanjay Mayukh

  • Anil Kumar Thakur

  • Sheela Pandit

शामिल हैं।

यह फैसला भोजपुरी क्षेत्र में पवन सिंह की लोकप्रियता और बिहार की राजनीति में उनकी बढ़ती भूमिका को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

या पर है। भाजपा की इस सूची को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और नए सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

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