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बलिया का सुरहा ताल बना भारत का 100वाँ रामसर साइट

 

5 जून 2026। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के बलिया जिले स्थित Jai Prakash Narayan Bird Sanctuary (सुरहा ताल) को भारत का 100वाँ रामसर साइट घोषित किया गया है। इस उपलब्धि के साथ भारत ने आर्द्रभूमि संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण वैश्विक मील का पत्थर हासिल किया है। 

सुरहा ताल, जिसे जयप्रकाश नारायण पक्षी विहार के नाम से भी जाना जाता है, गंगा नदी बेसिन की एक महत्वपूर्ण मीठे पानी की आर्द्रभूमि है। यह क्षेत्र प्रवासी एवं स्थानीय पक्षियों की अनेक प्रजातियों का प्राकृतिक आवास है और जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध माना जाता है। 

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत का 100 रामसर साइटों तक पहुँचना देश की आर्द्रभूमियों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक सहभागिता, विज्ञान, नवाचार और जागरूकता अभियानों ने इन पारिस्थितिक तंत्रों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, रामसर साइट का दर्जा मिलने से सुरहा ताल के संरक्षण, पर्यटन विकास और स्थानीय जैव विविधता के संरक्षण को नई गति मिलेगी। यह क्षेत्र पहले से ही हजारों प्रवासी पक्षियों के आगमन के लिए प्रसिद्ध है और पूर्वांचल के महत्वपूर्ण पर्यावरणीय स्थलों में गिना जाता है। 

भारत में रामसर साइटों की संख्या अब 100 हो गई है, जिससे देश एशिया में आर्द्रभूमि संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी देशों में अपनी स्थिति और मजबूत करता है।

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विश्व पर्यावरण दिवस 2026:Climate Action" थीम के साथ जलवायु संकट पर वैश्विक चेतावनी

  • विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते वैश्विक तापमान, अनियमित वर्षा, सूखा, बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि जलवायु परिवर्तन अब भविष्य की नहीं, बल्कि वर्तमान की चुनौती बन चुका है। ऐसे में सरकारों, उद्योगों और आम नागरिकों को मिलकर कार्बन उत्सर्जन कम करने, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने, वनों के संरक्षण तथा सतत विकास को अपनाने की दिशा में कार्य करना होगा।
BY Himanshu Dubey ·
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Amazon का विरोध, 30,000 कर्मचारियों की छंटनी, लेकिन AI पर 30 लाख करोड़ रुपये का बड़ा दांव

  • रिपोर्ट्स के अनुसार, Amazon ने पिछले कुछ समय में दुनिया भर में लगभग 30,000 कर्मचारियों की छंटनी की है। कंपनी का कहना है कि बदलते कारोबारी माहौल और लागत नियंत्रण की रणनीति के तहत यह कदम उठाया गया। हालांकि, कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर हुई छंटनी को लेकर कंपनी को आलोचनाओं और विरोध का सामना भी करना पड़ रहा है। दिलचस्प बात यह है कि जहां एक तरफ नौकरियों में कटौती की जा रही है, वहीं Amazon
BY Himanshu Dubey ·