मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल ने अब अपनी नौसेना को भी युद्ध अभियान में सक्रिय कर दिया है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली नौसेना ने भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) में तैनात युद्धपोतों से ईरान के सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले शुरू किए हैं। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब ईरान और इजरायल के बीच मिसाइल हमलों का सिलसिला लगातार तेज हो रहा है।
इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसके हमलों का निशाना पश्चिमी और मध्य ईरान में स्थित सैन्य प्रतिष्ठान, मिसाइल लॉन्चिंग साइटें और रणनीतिक ठिकाने हैं। इन हमलों को ईरान द्वारा इजरायल पर दागी गई मिसाइलों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच सीधे सैन्य टकराव में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि नौसेना की भागीदारी से इजरायल को लंबी दूरी से हमले करने की अतिरिक्त क्षमता मिली है। समुद्र में मौजूद युद्धपोतों से मिसाइल दागकर इजरायल अपने अभियानों का दायरा बढ़ा सकता है और ईरानी लक्ष्यों पर कई दिशाओं से दबाव बना सकता है।
दूसरी ओर, ईरान ने भी इजरायल के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखने की चेतावनी दी है। क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शक्तियां दोनों देशों से संयम बरतने की अपील कर रही हैं, लेकिन मौजूदा घटनाक्रम संकेत दे रहे हैं कि संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है।
विश्लेषकों के अनुसार, यदि समुद्री मोर्चे पर सैन्य कार्रवाई बढ़ती है तो पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा स्थिति पर इसका गहरा प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजरें इजरायल और ईरान के बीच तेजी से बदलते युद्ध पर टिकी हुई हैं।