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एक्ट्रेस दिशा पाटनी के घर फायरिंग, एसटीएफ ने शुरू की जांच

लखनऊ/बरेली: बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी के बरेली स्थित आवास के बाहर अज्ञात हमलावरों द्वारा की गई फायरिंग की घटना के बाद प्रदेश में हड़कंप मच गया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) नोएडा की टीम शनिवार को बरेली पहुंच गई है और जांच में जुट गई है। इस घटना की जिम्मेदारी कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़े रोहित गोदारा ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ली है, जिसके बाद पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।

 
यह घटना शुक्रवार की सुबह लगभग 3:30 बजे सिविल लाइंस स्थित दिशा पाटनी के घर के बाहर हुई। जानकारी के अनुसार, दो बाइक सवार हमलावरों ने हवा में कई राउंड गोलियां चलाईं, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। घटना के बाद, गोल्डी बराड़ गैंग के सदस्य ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर इस हमले की जिम्मेदारी ली। पोस्ट में दावा किया गया है कि यह फायरिंग दिशा पाटनी की बहन खुशबू पाटनी द्वारा सनातन धर्म के पूज्य संतों, प्रेमानंद महाराज और अनिरुद्धाचार्य महाराज, का कथित रूप से अपमान करने के जवाब में की गई है। पोस्ट में यह भी धमकी दी गई है कि यह सिर्फ एक "ट्रेलर" था, और अगर भविष्य में धर्म या संतों का अपमान किया गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
 
इस घटना के बाद, दिशा पाटनी के पिता, जो कि एक रिटायर्ड डीएसपी हैं, ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। बरेली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कई विशेष टीमों का गठन किया है और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पुलिस का कहना है कि वे सोशल मीडिया पोस्ट की प्रामाणिकता की जांच कर रहे हैं और हमलावरों की तलाश जारी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, एसटीएफ नोएडा को भी जांच में शामिल किया गया है।
 
पुलिस के अनुसार, यह फायरिंग उन खबरों के बाद हुई है, जिनमें दावा किया गया था कि दिशा की बहन खुशबू पाटनी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट कर अनिरुद्धाचार्य महाराज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। हालांकि, खुशबू ने बाद में स्पष्ट किया था कि उनकी टिप्पणी प्रेमानंद महाराज के लिए नहीं थी। इस घटना ने एक बार फिर से सार्वजनिक हस्तियों की सुरक्षा और आपराधिक गिरोहों के बढ़ते दुस्साहस पर चिंता बढ़ा दी है।
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विश्व पर्यावरण दिवस 2026:Climate Action" थीम के साथ जलवायु संकट पर वैश्विक चेतावनी

  • विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते वैश्विक तापमान, अनियमित वर्षा, सूखा, बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि जलवायु परिवर्तन अब भविष्य की नहीं, बल्कि वर्तमान की चुनौती बन चुका है। ऐसे में सरकारों, उद्योगों और आम नागरिकों को मिलकर कार्बन उत्सर्जन कम करने, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने, वनों के संरक्षण तथा सतत विकास को अपनाने की दिशा में कार्य करना होगा।
BY Himanshu Dubey ·