लखनऊ के इको गार्डन में 12 जून 2026 को छात्रों, अभ्यर्थियों और निजी शिक्षकों का बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया था। यह प्रदर्शन भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर किया जा रहा था। इसी दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के प्रदर्शन में शामिल होने की खबर सामने आई, जिसके बाद माहौल गरमा गया।
कई प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि उनका आंदोलन पूरी तरह छात्रों और शिक्षकों के मुद्दों पर केंद्रित है, जबकि किसी राजनीतिक संगठन या बाहरी चेहरे की मौजूदगी से आंदोलन का मूल उद्देश्य कमजोर पड़ सकता है। इसी वजह से कुछ छात्रों ने दीपके की एंट्री का विरोध किया और नारेबाजी भी की।
रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान एक साधु जैसे दिखने वाले व्यक्ति की अचानक मौजूदगी ने भी विवाद को बढ़ा दिया। कुछ छात्रों ने इसे आंदोलन को भटकाने की कोशिश बताया और इसका विरोध किया। इस घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
दूसरी ओर, अभिजीत दीपके और उनके समर्थकों का कहना था कि वे छात्रों की मांगों का समर्थन करने और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर आवाज उठाने के लिए लखनऊ पहुंचे हैं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग का भी समर्थन किया और छात्रों से एकजुट रहने की अपील की।
कुल मिलाकर, छात्रों के भड़कने की मुख्य वजह यह थी कि वे अपने आंदोलन को गैर-राजनीतिक और छात्र-केंद्रित बनाए रखना चाहते थे। उन्हें आशंका थी कि किसी राजनीतिक संगठन या बाहरी हस्तक्षेप से उनकी मूल मांगें पीछे छूट सकती हैं। यही कारण रहा कि अभिजीत दीपके की एंट्री को लेकर इको गार्डन में विरोध और बहस का माहौल बन गया।