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चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के 'वोट चोरी' आरोपों को बताया फर्जी और निराधार

चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए वोटर लिस्‍ट में छेड़छाड़ और वोट चोरी के आरोपों को "फर्जी और निराधार" करार दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि कोई भी सदस्य या आम जनता ऑनलाइन किसी भी वोटर को डिलीट नहीं कर सकती। आरोपों के अनुसार, राहुल गांधी ने कर्नाटक की आलंद विधानसभा क्षेत्र में 2023 के चुनाव से पहले वोटर्स के नाम हटाने का आरोप लगाया था, जहां यह दावा किया गया था कि छह हजार से ज्यादा वोटर नामों को सिस्टमेटिक तरीके से हटाया गया।

 
चुनाव आयोग ने बताया कि इसी संदर्भ में 2023 में कुछ असफल प्रयास हुए थे, जिनकी जांच के लिए आयोग ने FIR भी दर्ज कराई थी। आयोग ने यह भी कहा कि बिना संबंधित व्यक्ति को सुनवाई का अवसर दिए कोई भी वोटर नाम डिलीट नहीं किया जा सकता। आलंद विधानसभा क्षेत्र में 2018 में बीजेपी के सुभाष गुट्टेड़ार जीते थे, जबकि 2023 में कांग्रेस के बीआर पाटिल ने विजय हासिल की।
 
राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार "वोट चोरों" की रक्षा कर रहे हैं और लोकतंत्र का हरण करने वालों को संरक्षण दे रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग पर चुनावों में गड़बड़ी की साजिश चलाने का भी आरोप लगाया।
 
आयोग ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि चुनाव आयोग ने ही चुनाव से पहले हुई गड़बड़ियों की पहचान की और जांच शुरू की थी। मामले की जांच के लिए कर्नाटक के CID ने चुनाव आयोग से आवश्यक जानकारियां मांगी हैं, जिनका आयोग जल्द जवाब देगा। राहुल गांधी की इन सरगर्मीपूर्ण चर्चाओं के बीच सियासी माहौल गरमा गया है, और आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर यह विवाद बढ़ा हुआ है।