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आज़म खान जेल से बाहर आए | यूपी में सियासी भूचाल तय | Analysis With AasMohd Kaif | Azam Khan Release

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान 23 महीने बाद सीतापुर जेल से बाहर आ गए हैं। उन्हें जमानत मिलने के बाद रिहा किया गया। पिछले 23 महीने से आजम खान सीतापुर जेल में बंद थे। उनकी रिहाई के समय जेल के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी। जेल का दरवाजा खुलने के बाद आजम खान एक इनोवा गाड़ी में पीछे की बाईं सीट पर बैठे हुए नजर आए। उन्होंने काला चश्मा लगाया हुआ था। उनके दोनों बेटे उन्हें लेने के लिए जेल के अंदर पहुंचे थे और उनके साथ ही बाहर निकले। आजम खान की पत्नी और बेटे को इसी मामले में पहले ही अदालत से जमानत मिल चुकी थी। 2023 में आजम खान की गिरफ्तारी हुई थी। अब उनकी रिहाई के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में किस तरह की तब्दीली आएगी, इसे लेकर सस्पेंस बना हुआ है। वह सीतापुर से रामपुर के लिए रवाना हुए।समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान 23 महीने बाद सीतापुर जेल से बाहर आ गए हैं। उन्हें जमानत मिलने के बाद रिहा किया गया। पिछले 23 महीने से आजम खान सीतापुर जेल में बंद थे। उनकी रिहाई के समय जेल के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी। जेल का दरवासमाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान 23 महीने बाद सीतापुर जेल से बाहर आ गए हैं। उन्हें जमानत मिलने के बाद रिहा किया गया। पिछले 23 महीने से आजम खान सीतापुर जेल में बंद थे। उनकी रिहाई के समय जेल के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी। जेल का दरवाजा खुलने के बाद आजम खान एक इनोवा गाड़ी में पीछे की बाईं सीट पर बैठे हुए नजर आए। उन्होंने काला चश्मा लगाया हुआ था। उनके दोनों बेटे उन्हें लेने के लिए जेल के अंदर पहुंचे थे और उनके साथ ही बाहर निकले। आजम खान की पत्नी और बेटे को इसी मामले में पहले ही अदालत से जमानत मिल चुकी थी। 2023 में आजम खान की गिरफ्तारी हुई थी। अब उनकी रिहाई के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में किस तरह की तब्दीली आएगी, इसे लेकर सस्पेंस बना हुआ है। वह सीतापुर से रामपुर के लिए रवाना हुए।जा खुलने के बाद आजम खान एक इनोवा गाड़ी में पीछे की बाईं सीट पर बैठे हुए नजर आए। उन्होंने काला चश्मा लगाया हुआ था। उनके दोनों बेटे उन्हें लेने के लिए जेल के अंदर पहुंचे थे और उनके साथ ही बाहर निकले। आजम खान की पत्नी और बेटे को इसी मामले में पहले ही अदालत से जमानत मिल चुकी थी। 2023 में आजम खान की गिरफ्तारी हुई थी। अब उनकी रिहाई के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में किस तरह की तब्दीली आएगी, इसे लेकर सस्पेंस बना हुआ है। वह सीतापुर से रामपुर के लिए रवाना हुए।